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चेहरे पर बार-बार पिंपल्स क्यों निकलते हैं? कारण, प्रकार और बचाव की पूरी जानकारी

Sep 8, 2026 Shree Vishwshraddha 1 min read Skin Care

चेहरे पर बार-बार पिंपल्स निकलने की सबसे आम वजह त्वचा के रोमछिद्रों में अतिरिक्त तेल, मृत त्वचा कोशिकाओं और बैक्टीरिया का जमा होना है। जब ये चीजें रोमछिद्रों को बंद करने लगती हैं, तो चेहरे पर पिंपल्स निकलने शुरू हो जाते हैं। हालांकि, हर व्यक्ति में इसकी वजह एक जैसी नहीं होती। हार्मोनल बदलाव, तनाव, गलत स्किनकेयर प्रोडक्ट्स और कुछ लोगों में खान-पान भी पिंपल्स की समस्या को बढ़ा सकते हैं।

अक्सर लोगों को लगता है कि पिंपल्स सिर्फ किशोरावस्था में ही होते हैं, लेकिन ऐसा नहीं है। कई लोगों के चेहरे पर 20, 30 या इससे ज्यादा उम्र में भी बार-बार पिंपल्स निकलते रहते हैं। कई बार एक पिंपल ठीक होने लगता है और तभी चेहरे के किसी दूसरे हिस्से पर नया पिंपल निकल आता है। यही वजह है कि बार-बार होने वाले पिंपल्स को केवल एक छोटी-मोटी त्वचा की समस्या मानकर छोड़ देना सही नहीं होता।

अगर आपके साथ भी ऐसा होता है, तो सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि पिंपल्स बार-बार क्यों निकल रहे हैं। इसके पीछे आपकी त्वचा में होने वाले बदलाव, हार्मोन, रोजमर्रा की आदतें या इस्तेमाल किए जाने वाले प्रोडक्ट्स में से कोई कारण हो सकता है। इस कारण को समझने के बाद ही पिंपल्स को कम करने और दोबारा निकलने से रोकने का सही तरीका अपनाना आसान होता है। 

पिंपल्स आखिर बनते कैसे हैं?

हमारी त्वचा में छोटे-छोटे रोमछिद्र होते हैं, जिन्हें आम भाषा में पोर्स कहा जाता है। हर पोर्स के साथ तेल बनाने वाली ग्रंथियां जुड़ी होती हैं, जो सीबम (Sebum) नाम का प्राकृतिक तेल बनाती हैं। यह तेल हमारी त्वचा के लिए जरूरी होता है, क्योंकि यह त्वचा को सूखने से बचाने और उसे मुलायम बनाए रखने में मदद करता है।

परेशानी तब शुरू होती है जब ये तेल ग्रंथियां जरूरत से ज्यादा सीबम बनाने लगती हैं। अतिरिक्त तेल जब मृत त्वचा कोशिकाओं के साथ मिल जाता है, तो पोर्स बंद होने लगते हैं। बंद पोर्स के अंदर बैक्टीरिया बढ़ सकते हैं और इससे त्वचा में सूजन होने लगती है। धीरे-धीरे यही प्रक्रिया व्हाइटहेड्स, ब्लैकहेड्स और लाल या पस वाले पिंपल्स का रूप ले सकती है।

संक्षेप में कहें तो पिंपल्स के पीछे चार मुख्य कारण होते हैं:

  • त्वचा में अधिक तेल बनना
  • पोर्स का तेल और मृत कोशिकाओं से बंद होना
  • बैक्टीरिया की गतिविधि
  • त्वचा में सूजन

इन चारों चीजों के एक साथ जुड़ने पर एक्ने की समस्या बढ़ सकती है और इसी वजह से कुछ लोगों के चेहरे पर पिंपल्स बार-बार निकलते रहते हैं।

चेहरे पर बार-बार पिंपल्स निकलने के प्रमुख कारण

1. त्वचा में ज्यादा तेल बनना

जिन लोगों की त्वचा ऑयली होती है, उनमें पिंपल्स की समस्या अधिक देखने को मिलती है। इसकी वजह यह है कि जब त्वचा की तेल ग्रंथियां जरूरत से ज्यादा सीबम बनाने लगती हैं, तो यह अतिरिक्त तेल पोर्स को बंद करने की संभावना बढ़ा देता है।

चेहरे के कुछ हिस्सों, खासकर माथे, नाक और ठुड्डी के आसपास तेल ग्रंथियां ज्यादा सक्रिय होती हैं। इसलिए इन जगहों पर पिंपल्स और ब्लैकहेड्स अधिक दिखाई देना आम बात है।

हालांकि, सिर्फ ऑयली स्किन होने का मतलब यह नहीं है कि हर व्यक्ति को गंभीर एक्ने की समस्या होगी। पिंपल्स तब ज्यादा बढ़ते हैं, जब अतिरिक्त तेल के साथ मृत त्वचा कोशिकाएं, बैक्टीरिया और त्वचा में होने वाली सूजन भी जुड़ जाती है।

2. पोर्स का बंद होना

हमारी त्वचा लगातार नई कोशिकाएं बनाती रहती है और पुरानी कोशिकाएं धीरे-धीरे हटती रहती हैं। लेकिन कई बार मृत त्वचा कोशिकाएं ठीक तरह से बाहर नहीं निकल पातीं। ऐसे में ये कोशिकाएं त्वचा के तेल के साथ मिलकर पोर्स को बंद कर सकती हैं।

जब पोर्स बंद हो जाता है, तो उसके अंदर तेल और मृत त्वचा कोशिकाएं जमा होने लगती हैं। अगर पोर्स बंद रहता है, तो वहां व्हाइटहेड बन सकता है। वहीं, अगर पोर्स खुला रहता है और उसके अंदर जमा पदार्थ हवा के संपर्क में आता है, तो वह काला दिखाई देने लगता है। इसे ब्लैकहेड कहा जाता है।

यहां एक बात समझना जरूरी है कि ब्लैकहेड का काला रंग गंदगी की वजह से नहीं होता। पोर्स के अंदर जमा पदार्थ जब हवा के संपर्क में आता है, तो वहां होने वाली रासायनिक प्रक्रिया के कारण वह काला दिखाई देता है।

3. हार्मोनल बदलाव

चेहरे पर बार-बार पिंपल्स निकलने के पीछे हार्मोन भी एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। खासकर एंड्रोजन हार्मोन त्वचा की तेल ग्रंथियों को ज्यादा सक्रिय कर सकता है, जिससे सीबम का उत्पादन बढ़ने लगता है। सीबम बढ़ने के बाद पोर्स बंद होने की संभावना भी बढ़ जाती है और इससे पिंपल्स की समस्या दिखाई दे सकती है।

हार्मोनल बदलाव इन स्थितियों में अधिक देखने को मिलते हैं:

  • किशोरावस्था
  • पीरियड्स के आसपास
  • गर्भावस्था
  • मेनोपॉज के समय
  • कुछ हार्मोनल स्थितियों में
  • कुछ महिलाओं में बर्थ कंट्रोल पिल शुरू या बंद करने के बाद

इसी वजह से कई लोगों में किशोरावस्था के दौरान एक्ने की शुरुआत होती है। वहीं, कुछ महिलाओं में वयस्क उम्र में भी हार्मोनल बदलावों के कारण पहली बार या बार-बार पिंपल्स की समस्या देखने को मिल सकती है।

4. तनाव और नींद की कमी

तनाव हर व्यक्ति में सीधे तौर पर पिंपल्स का कारण नहीं बनता, लेकिन अगर किसी व्यक्ति को पहले से एक्ने की समस्या है, तो ज्यादा तनाव के दौरान ब्रेकआउट्स बढ़ सकते हैं।

ऐसा इसलिए हो सकता है क्योंकि तनाव के समय शरीर में होने वाले कुछ हार्मोनल बदलाव त्वचा की तेल ग्रंथियों और हेयर फॉलिकल्स को प्रभावित करते हैं। इसके साथ अगर लगातार तनाव, खराब नींद और अनियमित दिनचर्या बनी रहे, तो कुछ लोगों में पिंपल्स की समस्या और ज्यादा दिखाई दे सकती है।

5. गलत स्किनकेयर और कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स

पिंपल्स होने पर कई लोग उन्हें जल्दी ठीक करने के लिए बार-बार फेसवॉश करने लगते हैं या चेहरे पर स्क्रब करने लगते हैं। कुछ लोग तेज साबुन, कठोर केमिकल वाले प्रोडक्ट्स या कई तरह के स्किनकेयर प्रोडक्ट्स एक साथ इस्तेमाल करना शुरू कर देते हैं।

लेकिन त्वचा को बार-बार धोने या जोर से रगड़ने से समस्या कम होने के बजाय त्वचा में जलन और irritation बढ़ सकती है। इससे कुछ लोगों में पिंपल्स की समस्या और ज्यादा दिखाई दे सकती है।

इसी तरह, कुछ भारी या ऑयली प्रोडक्ट्स पोर्स को बंद कर सकते हैं और ब्रेकआउट्स बढ़ा सकते हैं। इसलिए अगर आपकी त्वचा पर बार-बार पिंपल्स निकलते हैं, तो ऐसे प्रोडक्ट्स चुनना बेहतर रहता है जिन पर ये शब्द लिखे हों:

  • Non-comedogenic
  • Oil-free
  • Non-acnegenic
  • Won’t clog pores

इन शब्दों का मतलब है कि प्रोडक्ट को इस तरह बनाया गया है कि उसके पोर्स बंद करने की संभावना कम रहे।

6. बालों के ऑयली प्रोडक्ट्स

कई बार चेहरे पर होने वाले पिंपल्स की वजह चेहरे पर लगाया गया कोई प्रोडक्ट नहीं, बल्कि बालों में इस्तेमाल किया जाने वाला तेल, हेयर क्रीम या कोई दूसरा हेयर प्रोडक्ट भी हो सकता है।

जब ऐसे ऑयली हेयर प्रोडक्ट्स बार-बार माथे या हेयरलाइन के संपर्क में आते हैं, तो वहां छोटे-छोटे दाने या पिंपल्स दिखाई दे सकते हैं। इसलिए अगर किसी व्यक्ति के माथे या हेयरलाइन पर बार-बार पिंपल्स निकलते हैं, तो सिर्फ स्किनकेयर प्रोडक्ट्स पर ध्यान देना ही काफी नहीं है। अपने हेयर प्रोडक्ट्स और उनके इस्तेमाल के तरीके पर भी ध्यान देना जरूरी है।

7. कुछ दवाइयों का प्रभाव

कुछ दवाइयां भी कुछ लोगों में एक्ने या ब्रेकआउट्स को बढ़ा सकती हैं। उदाहरण के लिए, कुछ प्रकार की स्टेरॉयड दवाइयां, टेस्टोस्टेरोन से जुड़ी दवाइयां और लिथियम जैसी दवाओं को कुछ लोगों में पिंपल्स बढ़ने से जोड़ा गया है।

अगर किसी नई दवा को शुरू करने के बाद अचानक चेहरे पर पिंपल्स बढ़ने लगे हैं, तो इस बारे में डॉक्टर से बात करना जरूरी है। हालांकि, केवल पिंपल्स होने की वजह से अपनी दवा खुद से बंद नहीं करनी चाहिए। दवा में किसी भी तरह का बदलाव डॉक्टर की सलाह के बाद ही करना बेहतर रहता है।

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Written by

Shree Vishwshraddha

Ayurvedic Specialist · Shree Vishwshraddha Chikitshalaya, Prayagraj

Practising classical Ayurveda at Shree Vishwshraddha Chikitshalaya since 2008 — combining time-tested protocols like Ksharsutra and Panchakarma with modern clinical care for lasting, side-effect-free results.

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Medical disclaimer: This article is for general education only and is not a medical diagnosis. Every patient is different — please consult Dr. Ashutosh or Dr. Akanksha (or your own physician) before starting any treatment.
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