×
Mediclaim & Health Insurance Accepted | Cashless & Reimbursement for Ksharsutra & PanchakarmaCheck Coverage
Health

पुरुषों में Fistula के शुरुआती लक्षण: पहचान, कारण और इलाज

May 29, 2026 shiv seo 1 min read Health
“`html

पुरुषों में Fistula के शुरुआती लक्षण: पहचान, कारण और इलाज

आज के समय में पुरुषों में गुदा संबंधी बीमारियाँ तेजी से बढ़ रही हैं। इनमें सबसे गंभीर और पीड़ादायक समस्याओं में से एक भगंदर है। प्रारंभिक अवस्था में अधिकांश लोग इसे सामान्य फोड़ा, बवासीर या संक्रमण समझकर अनदेखा कर देते हैं, लेकिन समय के साथ यह समस्या गंभीर रूप धारण कर सकती है।

प्रयागराज स्थित विश्व श्रद्धा चिकित्सालय के संस्थापक एवं प्रसिद्ध डॉ. आशुतोष श्रीवास्तव के अनुसार, “भगंदर एक ऐसी बीमारी है, जो शरीर के भीतर लगातार संक्रमण को बनाए रखती है। यदि इसके प्रारंभिक लक्षणों की समय रहते पहचान कर ली जाए, तो इसका उपचार अधिक सरल और कम जटिल हो सकता है।”

उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा आयुर्वेद चिकित्सा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित डॉ. आशुतोष श्रीवास्तव मुख्य रूप से बवासीर, गुदा विदर और भगंदर जैसी समस्याओं के विशेषज्ञ माने जाते हैं। उनके अनुसार, अधिकांश पुरुष संकोच या लापरवाही के कारण प्रारंभिक लक्षणों को अनदेखा कर देते हैं, जिसके परिणामस्वरूप आगे चलकर शल्य चिकित्सा तक की आवश्यकता पड़ सकती है।

यदि आप भगंदर और उससे जुड़े उपचारों के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं, तो Fistula Treatment in Prayagraj से संबंधित जानकारी भी प्राप्त कर सकते हैं।

Fistula क्या होता है?

भगंदर एक असामान्य नलिका होती है, जो गुदा के भीतरी भाग को त्वचा की बाहरी सतह से जोड़ देती है। यह समस्या मुख्य रूप से संक्रमण या फोड़े के कारण उत्पन्न होती है।

जब गुदा के आसपास स्थित ग्रंथियों में संक्रमण हो जाता है, तब वहाँ मवाद भरने लगता है और फोड़ा बन जाता है। यदि यह संक्रमण पूरी तरह से ठीक नहीं हो पाता, तो धीरे-धीरे वहाँ एक छोटी नलिका बन जाती है, जिसे गुदा भगंदर कहा जाता है।

पुरुषों में यह समस्या महिलाओं की तुलना में अधिक देखने को मिलती है। इसका मुख्य कारण यह है कि पुरुषों में लंबे समय तक लगातार बैठे रहकर कार्य करना, धूम्रपान करना, असंतुलित खानपान रखना तथा स्वच्छता की कमी जैसी आदतें अधिक पाई जाती हैं।

Anal Infection और Abscess का Connection

अमेरिकन सोसायटी ऑफ कोलन एंड रेक्टल सर्जन्स द्वारा प्रकाशित एक शोध के अनुसार, लगभग 50 प्रतिशत गुदा फोड़े के मामले आगे चलकर भगंदर में परिवर्तित हो सकते हैं। इसी प्रकार वर्ष 2021 में भारत में किए गए एक नैदानिक अवलोकन में यह पाया गया कि जिन पुरुषों के गुदा फोड़े का समय पर उपचार नहीं किया गया, उनमें भगंदर बनने की संभावना काफी अधिक थी।

पुरुषों में फिस्टुला के शुरुआती लक्षण

गुदा के पास छोटी गांठ या फोड़ा होना

फिस्टुला की शुरुआत में गुदा के आसपास हल्की सूजन, छोटी गांठ या फोड़े जैसी समस्या महसूस हो सकती है। यह स्थान दबाने पर दर्द करता है और धीरे-धीरे असहजता बढ़ने लगती है।

मवाद या बदबूदार द्रव निकलना

जैसे-जैसे संक्रमण बढ़ता है, गुदा के पास से मवाद या बदबूदार द्रव निकलना शुरू हो सकता है। यह फिस्टुला का सबसे सामान्य और महत्वपूर्ण लक्षण माना जाता है।

बैठने में दर्द और असहजता

संक्रमण बढ़ने के साथ बैठना कठिन होने लगता है। लंबे समय तक एक ही स्थान पर बैठने से दर्द और अधिक बढ़ सकता है।

मल त्याग के समय जलन और दर्द

फिस्टुला के शुरुआती चरण में मल त्याग करते समय जलन, चुभन और दर्द महसूस हो सकता है।

सूजन और लालिमा दिखाई देना

संक्रमण के कारण गुदा के आसपास की त्वचा लाल पड़ सकती है और वहाँ सूजन दिखाई देने लगती है।

खुजली और जलन बने रहना

लगातार मवाद या द्रव निकलने के कारण आसपास की त्वचा में खुजली और जलन होने लगती है।

बार-बार फोड़ा या संक्रमण होना

यदि गुदा के आसपास बार-बार फोड़ा बन रहा है या संक्रमण बार-बार लौटकर आ रहा है, तो यह फिस्टुला का स्पष्ट संकेत हो सकता है।

हल्का बुखार और कमजोरी महसूस होना

जब संक्रमण शरीर के भीतर बढ़ने लगता है, तब हल्का बुखार, थकान और कमजोरी महसूस हो सकती है।

पुरुषों में फिस्टुला होने के मुख्य कारण

पुरुषों में फिस्टुला होने के पीछे कई कारण जिम्मेदार हो सकते हैं। सामान्य रूप से यह समस्या गुदा के आसपास लंबे समय तक बने रहने वाले संक्रमण के कारण विकसित होती है।

पुराना संक्रमण

लंबे समय तक रहने वाला जीवाणु संक्रमण फिस्टुला बनने का सबसे प्रमुख कारण माना जाता है।

फोड़े का सही उपचार न होना

यदि गुदा के पास बने फोड़े का समय पर और सही तरीके से उपचार नहीं किया जाता, तो संक्रमण अंदर ही अंदर फैलता रहता है।

लंबे समय तक कब्ज रहना

पुरानी कब्ज की समस्या भी फिस्टुला होने का एक महत्वपूर्ण कारण मानी जाती है।

साफ-सफाई की कमी

गुदा के आसपास उचित साफ-सफाई न रखने से जीवाणु तेजी से बढ़ने लगते हैं।

मधुमेह की बीमारी

मधुमेह से पीड़ित लोगों में घाव भरने की प्रक्रिया सामान्य लोगों की तुलना में धीमी होती है।

लंबे समय तक बैठे रहना

जो लोग लंबे समय तक लगातार बैठे रहते हैं, उनमें भी फिस्टुला होने का जोखिम अधिक देखा जाता है।

कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता

जिन लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है, उनके शरीर में संक्रमण तेजी से फैल सकता है।

किन पुरुषों में फिस्टुला होने का खतरा अधिक होता है?

लंबे समय तक बैठकर काम करने वाले पुरुष, मधुमेह से पीड़ित लोग, अधिक वजन वाले व्यक्ति, धूम्रपान करने वाले पुरुष तथा कम शारीरिक गतिविधि करने वाले लोगों में फिस्टुला होने का खतरा अधिक माना जाता है।

फिस्टुला और बवासीर में क्या अंतर है?

बवासीर में मुख्य रूप से रक्तस्राव दिखाई देता है, जबकि फिस्टुला में पस या मवाद निकलना अधिक सामान्य लक्षण माना जाता है। फिस्टुला में संक्रमण और लगातार दर्द अधिक होता है, जबकि बवासीर में हर बार दर्द होना जरूरी नहीं होता।

फिस्टुला की पहचान कैसे की जाती है?

शारीरिक जांच

डॉक्टर सबसे पहले गुदा क्षेत्र की सावधानीपूर्वक जांच करते हैं।

एमआरआई और अल्ट्रासाउंड जांच

जटिल मामलों में एमआरआई या अल्ट्रासाउंड की मदद से फिस्टुला ट्रैक्ट की स्थिति का पता लगाया जाता है।

संक्रमण की जांच

रक्त जांच और डिस्चार्ज की जांच से संक्रमण की गंभीरता को समझा जाता है।

पुरुषों में फिस्टुला का इलाज

दवाएं

शुरुआती संक्रमण को नियंत्रित करने के लिए एंटीबायोटिक और दर्द निवारक दवाओं का उपयोग किया जाता है।

शल्य चिकित्सा

जटिल मामलों में संक्रमित मार्ग को हटाने के लिए सर्जरी की आवश्यकता पड़ सकती है।

लेज़र उपचार

लेज़र उपचार में कम दर्द और जल्दी रिकवरी की संभावना अधिक मानी जाती है।

क्षारसूत्र उपचार

आयुर्वेद में क्षारसूत्र चिकित्सा को फिस्टुला के लिए अत्यंत प्रभावी उपचार माना जाता है। इसमें औषधीय धागे की सहायता से संक्रमित मार्ग को धीरे-धीरे साफ किया जाता है।

फिस्टुला से बचाव के उपाय

  • गुदा क्षेत्र की साफ-सफाई बनाए रखें।
  • कब्ज से बचने के लिए फाइबर युक्त भोजन करें।
  • पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं।
  • नियमित व्यायाम करें।
  • लंबे समय तक लगातार बैठने से बचें।

डॉक्टर को कब दिखाना चाहिए?

यदि लगातार दर्द, मवाद निकलना, सूजन बढ़ना, बार-बार संक्रमण होना या बुखार जैसी समस्याएं दिखाई दें, तो तुरंत किसी विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए।

डॉ. आशुतोष श्रीवास्तव के अनुसार, “जितनी जल्दी मरीज इलाज शुरू करता है, उतनी जल्दी और आसानी से स्वस्थ होना संभव होता है।”

निष्कर्ष

पुरुषों में भगंदर (फिस्टुला) एक गंभीर लेकिन पूरी तरह से इलाज योग्य समस्या है। इसके शुरुआती लक्षणों को पहचानना और समय पर सही उपचार लेना अत्यंत आवश्यक है।

प्रयागराज स्थित विश्व श्रद्धा हॉस्पिटल में डॉ. आशुतोष श्रीवास्तव द्वारा आधुनिक निदान और आयुर्वेदिक क्षारसूत्र चिकित्सा के माध्यम से बवासीर, फिशर और भगंदर जैसी समस्याओं का प्रभावी उपचार किया जाता है।

यदि आपको भी गुदा के आसपास दर्द, सूजन या मवाद जैसा स्राव महसूस हो रहा है, तो इसे सामान्य समस्या समझकर अनदेखा न करें। अधिक जानकारी के लिए Fistula Treatment in Prayagraj के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

FAQ Section

Q1. पुरुषों में Fistula का सबसे पहला लक्षण क्या होता है?
गुदा के पास छोटी गांठ, सूजन या pus discharge शुरुआती लक्षण हो सकते हैं।

Q2. क्या Fistula अपने आप ठीक हो सकता है?
अधिकतर मामलों में proper medical treatment की जरूरत होती है।

Q3. क्या Fistula और Piles एक ही बीमारी हैं?
नहीं, दोनों अलग बीमारियाँ हैं।

Q4. क्या Diabetes वाले लोगों में Fistula का खतरा ज्यादा होता है?
हाँ, diabetes infection और healing दोनों को प्रभावित करती है।

Q5. Ksharsutra treatment क्या है?
यह आयुर्वेदिक therapy है जिसमें medicated thread की मदद से infected tract का उपचार किया जाता है।

Q6. क्या Laser treatment सुरक्षित है?
हाँ, कई cases में laser treatment कम दर्द और जल्दी recovery के कारण उपयोगी माना जाता है।

Q7. Fistula को नजरअंदाज करने से क्या हो सकता है?
Infection बढ़ सकता है और multiple tracts बन सकते हैं।

Q8. क्या लंबे समय तक बैठना Fistula का कारण बन सकता है?
हाँ, sedentary lifestyle risk बढ़ा सकता है।

Q9. क्या Fistula दोबारा हो सकता है?
गलत या अधूरा treatment होने पर recurrence संभव है।

Q10. Fistula के इलाज के लिए विशेषज्ञ डॉक्टर से कब मिलना चाहिए?
जब लगातार दर्द, pus discharge या swelling दिखाई दे।

“`
Share this article
Written by

shiv seo

Ayurvedic Specialist · Shree Vishwshraddha Chikitshalaya, Prayagraj

Practising classical Ayurveda at Shree Vishwshraddha Chikitshalaya since 2008 — combining time-tested protocols like Ksharsutra and Panchakarma with modern clinical care for lasting, side-effect-free results.

Ask this doctor
Medical disclaimer: This article is for general education only and is not a medical diagnosis. Every patient is different — please consult Dr. Ashutosh or Dr. Akanksha (or your own physician) before starting any treatment.
Jhushi & Allahpur Clinics · Prayagraj · Open 7 Days

Book Your Appointment on WhatsApp

Is samasya ka ilaj shuru karna hai? WhatsApp par apne lakshan bhejein — hamari team 30 minute me jawab degi. Koi dabav nahi, koi chhupa kharcha nahi.

Confirmation in 30 min · Open 7 days · 2 Locations Prayagraj

Call Book Appointment